क्या नई पार्टी बना सकते हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया? विधायक बोला- सबसे पहले मैं जाऊंगा साथ

नई दिल्ली : कांग्रेस के बड़े नेताओं में से एक ज्योतिरादित्य सिंधिया के ट्विटर प्रोफाइल से कांग्रेस हटाने के बाद से राजनीतिक बयानबाजी शुरु हो गई है। इसी बीच पोहरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक सुरेश राठखेड़ा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले, मुझे नहीं लगता कि श्रीमंत महाराज साहब (ज्योतिरादित्य सिंधिया) कांग्रेस छोड़ देंगे क्योंकि मुझे नहीं लगता कि वह कभी दूसरी पार्टी में शामिल होंगे। वह अपनी खुद की पार्टी शुरू कर सकते हैं, ऐसी मध्य प्रदेश में उनकी ताकत है।

उन्होंने आगे कहा कि और अगर श्रीमंत महाराज साहब ऐसा करते हैं, तो मैं उनका अनुसरण करने वाला पहला व्यक्ति बनूंगा। पार्टी सर्वोच्च है, लेकिन मेरे लिए श्रीमंत महाराज साहब सबसे पहले आते हैं। मैं आज जो कुछ भी बन गया हूं, उसके लिए मैं उनका शुक्रगुजार हूं।

जानकारी के लिए बता दें कि थोड़े समय पहले सिंधिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी। जिसके बाद से कयासों और भी ज्यादा लगाए जा रहे हैं। हालांकि, सिंधिया ने खुद उस तरह की खबरों से इनकार कर दिया था।

गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछले काफी समय से पार्टी के नाराज चल रहे हैं। काफी समय से वह पार्टी की कार्यशैली ने खुश नहीं है। राज्य में कांग्रेस की सरकार होने के बाद भी उन्हें और उनके समर्थकों को सपोर्ट नहीं मिल रहा है। कई बार सिंधिया अपनी नाराजगी भी जाहिर कर चुके हैं। इतना ही नहीं कई बार समस्याओं को लेकर उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र भी लिखा है। जिनमें से अभी तक कई समस्याओं का समाधान भी नहीं हुआ है।

पूर्व ओलंपियन हॉकी खिलाड़ी और कांग्रेस के पुराने नेताओं में से एक असलम शेर खान ने भी पीसीसी अध्यक्ष बनने पर मांग पर अपनी कुछ अलग राय रखी है। वो बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया को विधानसभा चुनाव के दौरान अपने अभियान के कारण ग्वालियर चंबल और संभाग में बड़ी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने का एक बड़ा कारण यह भी रहा।