इस काल में सफेद बॉल क्रिकेट के बेस्ट कैप्टन हैं धोनी: माइकल वॉन

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने इन दिनों की क्रिकेट और टॉप क्रिकेटर्स पर अपनी राय रखी है। वॉन ने कहा है कि इस दौर में महेंद्र सिंह धोनी सीमित ओवर फॉर्मेट में बेस्ट कैप्टन रहे हैं। उन्होंने कहा कि धोनी जबरदस्त रणनीतिकार हैं और आउट ऑफ द बॉक्स सोचते हैं। वॉन ने हमारे सहयोगी टाइम्स ऑफ इंडिया को एक खास इंटरव्यू दिया है, जिसमें उन्होंने नए दौर की क्रिकेट उसकी जरूरतें और नए दौर के टॉप खिलाड़ियों में कौन क्यों बेस्ट है इस पर खुलकर अपनी राय रखी। पेश है वॉन से इस इंटरव्यू के खास अंश…
ऐसा लगता है बेन स्टोक्स और स्टीव स्मिथ ने खुद को (विवादों से) उबार लिया है।
जी हां, इन दो विशेष क्रिकेटरों से बड़ी गलतियां हुई थीं, मुझे विश्वास है कि अपनी गलतियों पर दोनों को पछतावा हुआ। जीवन में हमें इस सच को स्वीकार करना चाहिए कि युवा लोगों गलतियां हो सकती हैं। लेकिन सीख यही है कि कैसे कोई लड़कर वापसी करता है। जो हुआ सो हुआ लेकिन आप उससे सीख सकते हैं और मजबूत होकर वापसी कर सकते हैं। स्टीव और स्टोक्स इस बात का शानदार उदाहरण हैं।
इंग्लैंड के इस ड्रेसिंग रूम में स्टोक्स अहम रोल निभाते हैं….
बेन ने यह कर के दिखाया है कि जिस ढंग से उन्होंने टीम में वापसी की है, वह अपना सिर गर्व से ऊंचा रख सकता है। उन्होंने किसी भी दूसरे खिलाड़ी से ज्यादा मेहनत की है। वह एक शानदार टीम खिलाड़ी हैं। ड्रेसिंग रूम में वह बहुत सकारात्मक खिलाड़ी हैं। वह ऐसा व्यक्ति बनना चाहते हैं, जो दूसरों से अलग दिखता है। जो वह कर रहे हैं एक उच्च गुणवत्ता वाला ऑलराउंडर खिलाड़ी यही करता है। उनकी यही मानसिकता होती है कि वह लक्ष्य के आसपास ही रहें और यह कोई घमंड वाली चीज नहीं हैं।
हाल ही में आपने लिखा था कि इंग्लैंड को अब टेस्ट और वनडे के लिए अलग-अलग कोचों की जरूरत है…
अब सफेद बॉल का खेल टेस्ट क्रिकेट से बहुत अलग हो चुका है। ऐसे जब सिर्फ 3-4 लोग ही सबकुछ करते हैं, तो यह उनके लिए बहुत मुश्किल होता है। सफेद बॉल फॉर्मेट के लिए कुछ खास लक्षण आपके खेल में सेट किए जाते हैं, लेकिन जब आप टेस्ट खेल रहे होते हैं, तब इन लक्षणों में से बहुत सारे आपको छोड़ने पड़ते हैं। क्रिकेट के तीन पावरहाउस- ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और भारत इन दिनों 24×7 खेल रहे हैं। ऐसे में अगर आप एक खिलाड़ी को यह कोचिंग दे रहे हैं कि गेंद को मैदान से दूर उठाकर मारो और फिर एक सप्ताह बाद आप ही उसे यह बताते हैं कि इसे लेट खेलो और अपनी नाक के नीचे बिल्कुल रक्षात्मक ढंग से खेलो, यह फिर बहुत आसान नहीं होता। लेकिन अगर आपके पास अगल-अलग कोच होंगे, तो खिलाड़ी को यह सीखाने में थोड़ा आसान होगा।
अलग-अलग कप्तानों के बारे में क्या राय है?
अलग-अलग फॉर्मेट अलग-अलग कप्तानों का फॉर्म्युला काम करता है। इसलिए ही मैं अलग कोच की बात करता हूं मेरे हिसाब से यह कारगर है। यह बस इतना है कि आपको सही व्यक्ति मिले। यह चीजों को अंजाम तक पहुंचाने का आसान और बेहतरीन तरीका है, नहीं तो आपके पास कोहली और विलियमसन जैसे सुपरहीरो होने चाहिए।
आपकी नजर में इस काल का सबसे बेहतरीन इंटरनैशनल कैप्टन कौन है?
केन विलियमसन बहुत उम्दा हैं। उनके पास कुदरत का वह शानदार तोहफा है, जिसमें वह बिना ज्यादा कुछ बोले अपनी टीम को शानदार नेतृत्व देते हैं। वह अपनी टीम को समझदार ढंग से बिना शोर मचाए लीड करते हैं। हर किसी को यह अहसास होता है कि वह लीडर हैं, ताकत है।
50 ओवर क्रिकेट में इयोन मॉर्गन भी अलग रहे हैं। अब एमएस धोनी इंटरनैशनल कप्तानी नहीं कर रहे हैं। लेकिन हमारे दौर में, जिन्हें मैंने कप्तानी करते हुए देखा है धोनी उन सबमें बेस्ट कैप्टन हैं… स्टंप्स के पीछे खड़े होकर जिस अंदाज में वह चीजों को आंकते हैं और अपनी रणनीति बनाते हैं, वह शानदार है। वह खेल को बखूबी पढ़ लेते हैं और आउट ऑफ द बॉक्स होकर सोचते हैं, जिस ढंग से दबाव के क्षणों को संभालते हैं और फिर बैट से भी उम्दा प्रदर्शन करते हैं। वह सब लाजवाब है…
क्या टेस्ट क्रिकेट को सुरक्षा की जरूरत है, किसी भी ढंग से?
अगर आप चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट शीर्ष पर रहे, जैसा हम में से ज्यादातर सोचते हैं। इसमें सिर्फ यह तय करने की जरूरत है कि बैट और बॉल में संतुलन बना रहे। हम 550 बनाम 550 देखना नहीं चाहते हैं, यह ढंग किसी को मैच में वापस नहीं लाएगा। टेस्ट क्रिकेट को ग्रैंड स्तर पर दर्शकों की दरकार है। इंग्लैंड में टेस्ट खेलना इसलिए शानदार रहता है क्योंकि यहां हमेशा गेंदबाजों के लिए भी कुछ न कुछ जरूर होता है, कुछ मदद पिच में रहती है। इसलिए ही टेस्ट इंग्लैंड में विख्यात हैं। ड्यूक्स का गेंद पूरे मैच में स्विंग करता है।
ऐसी भी बाते होती हैं कि टेस्ट बॉल के लिए कुछ मानक तय किए जाएं….
हम दुनिया भर में सिर्फ एक ही गेंद से नहीं खेल सकते क्योंकि यह अलग-अलग स्पॉन्सरशिप्स और ब्रैंड्स का भी सवाल है। बस अपनी गेंद को बेहतर बनाइए। बोलरों को लिए कुछ रखिए, क्योंकि आप एशेज को देख लीजिए, अगर यहां बैट और बॉल में जंग होती है, तो यह उम्दा स्तर पर खेल दिखता है। फिलहाल यही टेस्ट क्रिकेट को चाहिए।