नतीजों का विश्लेषण, क्या खरीदें और किससे रहें दूर!

दिसंबर तिमाही के नतीजों का सिलसिला लगभग खत्म हो चुका है और ज्यादातर कंपनियों के नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे हैं। बैंकों के लिए तीसरी तिमाही मिलीजुली रही है तो वहीं वॉल्यूम बढ़ने से ऑटो सेक्टर में सुधार देखा गया। फार्मा कंपनियों में अमेरिका से दबाव बरकरार है तो वहीं एफएमसीजी कंपनियों के मार्जिन में जोरदार बढ़त दिखी है।
प्राइवेट बैंकों में एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के नतीजे बेहतर रहे हैं, जबकि यस बैंक ने निराश किया और आईसीआईसीआई बैंक के नतीजे मिलेजुले रहे हैं। एनबीएफसी में बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी और इंडियाबुल्स हाउसिंग के नतीजे अनुमान से बेहतर रहे हैं।
ऑटो में मारुति सुजुकी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और हीरो मोटो के नतीजे बेहतर रहे हैं, जबकि टाटा मोटर्स और बजाज ऑटो ने निराश किया है। मेटल और माइनिंग कंपनियों में टाटा स्टील ने शानदार नतीजे पेश किए हैं, लेकिन हिंडाल्को ने निराश किया है। कोल इंडिया और वेदांता के नतीजे मिलेजुले रहे हैं।
आईटी कंपनियों में इंफोसिस और टीसीएस ने अच्छे नतीजे पेश किए, लेकिन विप्रो ने निराश किया है। एफएमसीजी कंपनियों में एचयूएल के नतीजे बेहतर आए हैं जबकि आईटीसी के नतीजे मिलेजुले रहे हैं और एशियन पेंट्स ने निराश किया है। फार्मा कंपनियों में ल्युपिन ने काफी निराश किया, लेकिन सिप्ला और डॉ रेड्डीज के नतीजे अच्छे रहे हैं।
तीसरी तिमाही के नतीजों के बाद अब कहां दांव लगाना चाहिए, इस पर जियोजित फाइनेंशियल के इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी हेड गौरांग शाह का कहना है कि लंबी अवधि के लिहाज से एचडीएफसी बैंक में पैसे लगाने चाहिए। लंबी अवधि में एचडीएफसी बैंक में 2,150 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। साथ ही लंबी अवधि के लिहाज से एस्कॉर्ट्स में पैसे लगाने चाहिए। लंबी अवधि में एस्कॉर्ट्स में 1,065 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है।
वहीं मोतीलाल ओसवाल के हेड ऑफ रिसर्च गौतम दुग्गड ने लंबी अवधि के लिहाज से टाइटन में पैसे लगाने की सलाह दी है। गौतम दुग्गड का मानना है कि 1 साल की अवधि में टाइटन में 990 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है। साथ ही एचडीएफसी में पैसे लगाने चाहिए। 1 साल की अवधि में एचडीएफसी में 2,260 रुपये का स्तर देखने को मिल सकता है।